सीएमओ कार्यालय के ऑक्सीजन प्लांट हैंडलर प्रकाश कुमार विश्वकर्मा ने 9 जनवरी 2026 को थाना बैकुंठपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जुलाई की दरम्यानी रात अज्ञात चोर प्लांट से कीमती तांबे के तार चुरा ले गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर के निर्देशन में पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने सबसे पहले संदेही अर्जुन बसोर, विजय बसोर और संतोष चौधरी सभी निवासी चरचा को दबोचा। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उन्होंने चोरी का माल दीपेश उर्फ निखिल महाराज को बेचा था।
कबाड़ से लेकर बिलासपुर तक फैला था नेटवर्क जांच आगे बढ़ी तो कड़ियों का जाल दूर तक फैला नजर आया ….
दीपेश उर्फ निखिल महाराज ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने माल आर्यन ताम्रकार को बेचा था। पुलिस ने दीपेश के पास से 05 किलो तार बरामद किया।
इसके बाद बैकुंठपुर निवासी आर्यन ताम्रकार की गिरफ्तारी हुई, जिसने कबूला कि उसने 50 किलोग्राम तार बिलासपुर में खपा दिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 15 किलो तार और जब्त किया।
गिरफ्तार आरोपियों में अर्जुन बसोर 23 वर्ष, घूटरी दफाई, चरचा विजय बसोर 30 वर्ष, चरचा, संतोष कुमार चौधरी 38 वर्ष, चरचा, दीपेश उर्फ निखिल महाराज 27 वर्ष, रूपनगर, चरचा, आर्यन ताम्रकार 23 वर्ष, प्रेमा बाग, बैकुंठपुर शामिल रहे
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है, जबकि शेष माल की बरामदगी और बिलासपुर कनेक्शन की तह तक जाने के लिए पुलिस की विवेचना अभी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्रा, उप निरीक्षक महेश कुशवाहा और साइबर सेल टीम की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस की दो टूक अपील, एसपी श्री हरिश राठौर ने आमजन से अपील की है कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा, और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का यह सिलसिला पूरी सख्ती से जारी रहेगा।





