अग्रवाल ने बच्चों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की। सहज और खुशनुमा माहौल में हुई इस बातचीत में बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपनी बातें साझा कीं। किसी बच्चे ने अपनी पसंदीदा विषय के बारे में बताया, तो किसी ने भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी अथवा अन्य क्षेत्र में जाने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की बातों और उनकी जिज्ञासाओं को सुनकर मंत्री अग्रवाल ने उन्हें प्रोत्साहित किया और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने की सीख दी।